कविता
जहाँ पर खुशियों का उपहार है
चलते चलते पहुँच जायेंगे उस मंजिल तक
जहाँ पर शांति का त्यौहार है
हर जगह एक नयी चुनौती आएगी
केवल ठोकर देकर जाएगी
जारी रखो बस अपना सफर
तुम्हे मिल जाएगी वो डगर
जहाँ से होगा जीत का सफर
ढूंढने निकल पड़े उस राह को
कविता
कविता
कविता
ये कविता हमारे कवी पिंटू कुमार द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018 में आये थे पिंटू इस समय कक्षा 11 में पढ़ते है | अपना घर में 8 साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है |
कविता
ये कविता हमारे कवी रमेश द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2023 में आये थे शिवा इस समय कक्षा 6 में पढ़ते है | अपना घर में 3 साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है |
कविता
कविता
रोशन सूर्य से देश हमारा
हरा भरा कहीं
कहीं है पीला और नीला
और खेतों की परिदृशं जहां
तो सुन्दर सुशिल मस्तानी में खोया
ऐसा है देश हमारा
मौसम जहाँ रंगो में है डूबा डूबा
रौशन सूर्य से देश हमारा
ये कविता हमारे कवी शिवा द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018 में आये थे शिवा इस समय कक्षा 10 में पढ़ते है | अपना घर में 8 साल से रह रहे है |
कविता
हो रही है बारिश दिन रात
हम करते है सूरज निकलने की बात
कब आये सूरज दादा
फैलाये अपनी किरण
दुनिया में आधा आधा
कह दो सूरज दादा से
उनको नमस्कार करेंगे
जल्दी निकले उन्हें देखकर सर झुकायेंगे
ये कविता हमारे कवी रोहन द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2023 में आये थे नीरू इस समय कक्षा 7 में पढ़ते है | अपना घर में 3 साल से रह रहे है | |
कविता
कविता
ये कविता हमारे कवी साहिल द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018 में आये थे साहिल इस समय कक्षा 10 में पढ़ते है | अपना घर में 10 साल से रह रहे है | |
कविता
कविता
कविता
कविता
नाम - नवलेश
कक्षा -12
कविता
कविता
नाम- रमेश
(अपना घर )
कविता
नाम- सुल्तान
कक्षा -12
कविता
नाम- अभिषेक
कक्षा- 8
कविता
कब से पड़ी हुई है रूखी सी जिन्दगी
बेजान सी है ये ख़ुशी
बदली नहीं ये दुःख की घडी
टूट चुकी है एक आशा बड़ी
छूट गयी सारि कड़ी
कब से पड़ी हुई है रूखी सी जिंदगी
सब्र छूट रहा है ध्यान खो रहा है
पता नहीं क्यों बेजान हो रहा है
नाम- साहिल
कक्षा- 10
(अपना घर )
कविता
न हो रही है बरसात
गर्मी चल रही है साथ साथ
आसमान से बरसाने की है आस
लोग हो हाय बहुत परेशान
ये गर्मी को नहीं हो रहा अहसास
सिर्फ धुप धुप से तेजी गर्मी
बस लोगों को लगी है वर्षा की आस
ये सूरज की चमक और मुस्कान
लोगॉन को खूब कर रहा परेशान
ये गर्मी को नहीं हो रहा अहसास
नाम - नवलेश
कक्षा -12
कविता
कविता
नाम - नवलेश
कक्षा -12
कविता
(अपना घर )
कविता
कविता
कविता
नाम- साहिल
कक्षा-10
कविता
कविता
कविता
कविता
कविता
कविता
नाम-नवलेश कुमार
कक्षा -12
कविता
नाम- साहिल
कक्षा -10
कविता
नाम-गोविंदा
कक्षा -10
कविता
नाम-अप्तर
कक्षा-9
कविता
नाम- नवलेश
कक्षा -12
कविता
कविता
नाम -निरंजन
कक्षा- 10
कविता
कविता
कक्षा - 10 ( अपना घर )
कविता
कविता
के कमाए पैसों पर जीते है
धुप में तपते है पर काम
से पीछे नहीं हटते है
कष्ट तो होता है उनकों भी बहुत
पर मन से वह उड़ते है
बारिश में भी लगते है और
ठण्ड में हवाएं में भी जुटते है कष्ट तो होता है उनको भी बहुत
पर मन से उठते नहीं है
खुद की लड़ाई खुद ही लड़ते है
इंसाफ जहा मिलना चाहिए
उसके लिए भी भिड़ते है
कामयी तो अक्सर नहीं मिलती
पर खुलकर जीते है
कसगत तो होता है उनको भी
पर मन से उतट नहीं है
नाम- गोविंदा
क्लास -9
POEM
कविता
कविता
कवि - साहिल
कक्षा -9
(अपना घर )