गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

इंसान मुर्ख नहीं तो क्या है

 कविता 

सबसे बड़ा मुर्ख  है 
पहले पेड़ कट्टा है, फिर कागज और कलम बनाकर 
लिखते है ,हमें  काटना चाहिए 
इंसान मुर्ख नहीं तो क्या है 
पहाड़ तोड़ते घर बनाते 
फिर कहते है की मौसम में खराबी है 
इंसान मुर्ख नहीं तो क्या है 
पवित्र गंगा को गन्दा करते 
फिर कहते 
गंगा क्यों गन्दा है 
इंसान मुर्ख नहीं तो क्या है 
मनो   इंसान  तो क्या है 
कवी- अप्तर
कक्षा -9  

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