गुरुवार, 17 सितंबर 2026

पेड़ है भाई पेड़ है

 कविता 

पेड़ है भाई पेड़ है 

हरा भरा पेड़ है 

उगता है सूरज पूरब से 

गर्मी से है अपना खाना बनाता 

और हमको है ऑक्सीजन देता 

पेड़ है भाई पेड़ है 

नाम= नरेंद्र 

कक्षा =4 

बुधवार, 16 सितंबर 2026

समय काम है हमारे पास

 कविता

समय काम है हमारे पास 
अब तयारी करनी है बहुत सारी 
एग्जाम है इधर उधर के 
एक  औरबोर्ड है हमारे 
कुछ ऐसे है जो समझ नहीं आते 
और जो आते है वो भूल जाते है 
रोज़ का पड़ना अब जरुरी है 
खेल छोड़ना अब मजबूरी है 
अच्छे  नम्बर  चाहिए मुझे बस इसकी तयारी है करनी 

कविता हमारे कवी सुल्तान   द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 201 3 में आये  थे सुल्तान  इस समय कक्षा 12     में पढ़ते है | अपना घर में 13     साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है 



मंगलवार, 15 सितंबर 2026

देश के वीर सपूतों को

 कविता 


आओ मिलकर उनकों हम याद करें 
इस तिरंगे के खातिर 
वीरों ने अपने प्राण दान दिए 
न की अपनी जान की परवाह 
ख़ुशी ख़ुशी अपनी जान त्याग दिए 
हर एक कदम उनका 
ब्रिटिशर्स की रूह कंपन रही 
देश के वीर सपूतों का आओ मिलकर याद करे 

कविता हमारे कवी रोहन  द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2023 में आये  थे रोहन  इस समय कक्षा 7    में पढ़ते है | अपना घर में 3    साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है 



सोमवार, 14 सितंबर 2026

बहुत है गर्मी ये हम मानते है

 

कविता 

 बहुत है गर्मी ये हम मानते है 
अक्सर बिजली नहीं आती 
ये सभी जानते है 
छह के भी कुछ नहीं कर सकते 
और फिर से बिजली का इंतजार करते है 
कुछ देर बिजली आती है 
और फिर वापस चली जाती है 
गुस्सा भी आता  है
परेशां भी होते है 
पर उम्मीदों को नहीं खोते है 
मुस्कुराते है और फिर से इंतजार करते है 

 कविता हमारे कवी गोविंदा   द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018   में आये  थे  गोविंदा  इस समय कक्षा 10   में पढ़ते है | अपना घर में 8   साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है 


शनिवार, 12 सितंबर 2026

फुदक फुदक हो रही है बारिश

कविता 

फुदक फुदक हो रही है बारिश 
थोड़ी बहुत ही सही पर हो रही है बारिश 
तूफान का नामोनिशान नहीं 
हवा का काम सही है 
फुदक फुदक हो रही है बारिश 
चमक उठी है कलियाँ सारी 
बह रही है ये नदियां सारी
सूरज का अब काम है 
सूरज तो यूँ ही बदनाम है 
फुदक फुदक हो रही है बारिश  
 कविता हमारे कवी नीरू   द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018   में आये  थे  नीरू  इस समय कक्षा 10   में पढ़ते है | अपना घर में 8   साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है

शुक्रवार, 11 सितंबर 2026

जब घर की दीवारे गिर जाये

 कविता 


तो सब उजड़ जाता है 
ये दुःख नहीं है 
ये दुःख तो तेरा दोस्त है 
सुख की तलाश में यहां वहां न फिर 
क्योंकि ये तो चंद दिनों साथ रहेगा तुम्हारे 
पर दुःख दोस्त बनकर किसी न किसी रूप में साथ रहेगा तुम्हारे 
गिरती हुई दिवार का दुःख मत झेल 
इस दुःख को दोस्त बना 
और फिर से दिवार को बना 
कविता हमारे कवी साहिल  द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018   में आये  थे  साहिल  इस समय कक्षा 10   में पढ़ते है | अपना घर में 8   साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है

गुरुवार, 10 सितंबर 2026

आया है बरसात का मौसम

 कविता 

आया है बरसात का मौसम 
बरसने लगा है पानी 
बुँदे है प्यारे प्यारे 
बरस रहे जैसे लगता है तारे 
बून्द कहाँ से आता है 
न जाने कहाँ कहाँ गिरता है 
आया है ये बरसात 
लायी है बूंदों को अपने साथ 
बरसने लगा है पानी 
 आया है बरसात का मौसम 
कविता हमारे कवी नितीश कुमार द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2023  में आये  थे नितीश   इस समय कक्षा 6   में पढ़ते है | अपना घर में 3   साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है

बुधवार, 9 सितंबर 2026

मौसम बदल रहा है

 कविता 

मौसम बदल रहा है 
 अपने संग बरसात और धुप बिखेर रहा है 
आ रही है बाढ़ इलाकों में 
मौत का तांडव दिखा रही है
बहुत इलाकों में 
मौसम बदल रहा है 
अपने साथ बरसात और धुप बिखेर रहा है 
मदमस्त होकर बरस रहा है मौसम 
पानी की बौछार करा रहा है मौसम 
कविता हमारे कवी साहिल  कुमार द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018   में आये  थे   साहिल   इस समय कक्षा 10   में पढ़ते है | अपना घर में 8   साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है

मंगलवार, 8 सितंबर 2026

अगर मैं पछि होता

 कविता 

अगर मैं  पछि होता 
साड़ी दुनिया का सैर करता 
कभी पूर्व जाता 
कभी पच्छिम जाता 
अगर मई पछि होता 
साडी दुनिया की सैर कर पता 
बड़े बड़े बागों में जाता 
मीठे मीठे फल खाता 
अगर मैं  पछी होता
साड़ी दुनिया घूम के आता  
कविता हमारे कवी अभिषेक कुमार द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2023  में आये  थे  अजय इस समय कक्षा 8  में पढ़ते है | अपना घर में 3   साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है

सोमवार, 7 सितंबर 2026

बदल रहा है रोज़ मौसम

 कविता 

बदल रहा है रोज़ मौसम 
कभी लगता कडुआ धुप 
तो कभी दिखने लगता औसम 
कभी तो बरसात की धुन में लगा रहता 
कभी सूरज अपना झलक दिखा देता 
हर चाँद मिंटो में बदलता रहता 
कभी तो बारिश आकर बरसा देता 
जिनको लोग न गईं पता 
हर समय मौसम अपना अहसास है दिलाता 
कभी पानी बरसता तो कभी धुप निकालता 
कविता हमारे कवी अजय कुमार द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2014 में आये  थे  अजय इस समय कक्षा 12 में पढ़ते है | अपना घर में 14  साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

पानी का बहाओ

 कविता 

पानी का बहाओ 
बांध टूटते  ही थिरक उठते है 
पानी का बहाओ 
पाथर में भी रास्ता बनाते है 
मुश्किलों में भी साथ रहते है 
एक दूसरे का हाथ पकड़कर 
जो हर मंजिल तक साथ निभाते है 
पानी का बहाओ 
जो अपना लिया है लोगों ने उनका रास्ता 
अब बरी है उनकी बहने के 
टूट जाये सरै मंजिले 
या टूट जाये घर गिरना 
पानी का बहाओ 

कविता हमारे कवी सुल्तान   कुमार   द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 201 3   में आये  थे  सुल्तान   इस समय कक्षा १२ में पढ़ते है | अपना घर में 14  साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है