कविता
न हो रही है बरसात
गर्मी चल रही है साथ साथ
आसमान से बरसाने की है आस
लोग हो हाय बहुत परेशान
ये गर्मी को नहीं हो रहा अहसास
सिर्फ धुप धुप से तेजी गर्मी
बस लोगों को लगी है वर्षा की आस
ये सूरज की चमक और मुस्कान
लोगॉन को खूब कर रहा परेशान
ये गर्मी को नहीं हो रहा अहसास
नाम - नवलेश
कक्षा -12