कविता
साड़ी दुनिया का सैर करता
कभी पूर्व जाता
कभी पच्छिम जाता
अगर मई पछि होता
साडी दुनिया की सैर कर पता
बड़े बड़े बागों में जाता
मीठे मीठे फल खाता
अगर मैं पछी होता
साड़ी दुनिया घूम के आता
(बच्चों का आकाश .... बच्चों के लिए)
कविता
कविता
कविता
कविता हमारे कवी सुल्तान कुमार द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 201 3 में आये थे सुल्तान इस समय कक्षा १२ में पढ़ते है | अपना घर में 14 साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है
कविता
कविता
कविता
कविता
ये कविता हमारे कवी पिंटू कुमार द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018 में आये थे पिंटू इस समय कक्षा 11 में पढ़ते है | अपना घर में 8 साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है |
कविता
ये कविता हमारे कवी रमेश द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2023 में आये थे शिवा इस समय कक्षा 6 में पढ़ते है | अपना घर में 3 साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है |
कविता
कविता
रोशन सूर्य से देश हमारा
हरा भरा कहीं
कहीं है पीला और नीला
और खेतों की परिदृशं जहां
तो सुन्दर सुशिल मस्तानी में खोया
ऐसा है देश हमारा
मौसम जहाँ रंगो में है डूबा डूबा
रौशन सूर्य से देश हमारा
ये कविता हमारे कवी शिवा द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018 में आये थे शिवा इस समय कक्षा 10 में पढ़ते है | अपना घर में 8 साल से रह रहे है |
कविता
हो रही है बारिश दिन रात
हम करते है सूरज निकलने की बात
कब आये सूरज दादा
फैलाये अपनी किरण
दुनिया में आधा आधा
कह दो सूरज दादा से
उनको नमस्कार करेंगे
जल्दी निकले उन्हें देखकर सर झुकायेंगे
ये कविता हमारे कवी रोहन द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2023 में आये थे नीरू इस समय कक्षा 7 में पढ़ते है | अपना घर में 3 साल से रह रहे है | |