कविता
फुदक फुदक हो रही है बारिश
थोड़ी बहुत ही सही पर हो रही है बारिश
तूफान का नामोनिशान नहीं
हवा का काम सही है
फुदक फुदक हो रही है बारिश
चमक उठी है कलियाँ सारी
बह रही है ये नदियां सारी
सूरज का अब काम है
सूरज तो यूँ ही बदनाम है
फुदक फुदक हो रही है बारिश
कविता हमारे कवी नीरू द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018 में आये थे नीरू इस समय कक्षा 10 में पढ़ते है | अपना घर में 8 साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है
थोड़ी बहुत ही सही पर हो रही है बारिश
तूफान का नामोनिशान नहीं
हवा का काम सही है
फुदक फुदक हो रही है बारिश
चमक उठी है कलियाँ सारी
बह रही है ये नदियां सारी
सूरज का अब काम है
सूरज तो यूँ ही बदनाम है
फुदक फुदक हो रही है बारिश
कविता हमारे कवी नीरू द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018 में आये थे नीरू इस समय कक्षा 10 में पढ़ते है | अपना घर में 8 साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है