कविता
रोशन सूर्य से देश हमारा
हरा भरा कहीं
कहीं है पीला और नीला
और खेतों की परिदृशं जहां
तो सुन्दर सुशिल मस्तानी में खोया
ऐसा है देश हमारा
मौसम जहाँ रंगो में है डूबा डूबा
रौशन सूर्य से देश हमारा
ये कविता हमारे कवी शिवा द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018 में आये थे शिवा इस समय कक्षा 10 में पढ़ते है | अपना घर में 8 साल से रह रहे है |