बुधवार, 13 मई 2026

मां तेरी याद आ गयी

 कविता 

मां तेरी याद आ गयी   
बचपन की वो पुरानी यादें 
मेरे मन में छा गयी 
मन तेरी याद आ गयी आ गयी 
तेरी  वो  मीठी बोली 
और वो प्यारी प्यारी लोरी
मेरे मन  को भा गयी 
 तेरे होठो पे वो  प्यारी ख़ुशी देखकर 
मेरे होठो पे भी खुशियां छा गयी 
माँ तेरी याद आ  गयी 
तेरी प्यारी बोली और प्यारी बोली 
तेरी बाते याद आ  गयी 
तेरे चेहरे पे वो मुस्कान देखकर 
मेरे चेहरे पे भी वो मुस्कान छा गयी 
माँ तेरी याद आ गयी 
बचपन की वो पुरानी यादे 
मेरे मन में छा गयी 
तेरी याद आ गयी 
माँ तेरी याद आ गयी 

नाम-नवलेश कुमार 

कक्षा -12   

शनिवार, 9 मई 2026

खूब इस्तमाल किया लोगो ने

कविता

खूब इस्तमाल किया लोगो ने 
जो सीधे थे उनको भी खूब लुटा 
 इस शहर के लोगो ने 
गरीबी  को पहला हथियार बनाया 
गरीबो को पहले लुटा 
इन्हे ही पहले बेवकुफ बनाया 
इस प्रशाशन ने 
इनके वोट पर बनाया ये साम्राज्य बड़ा 
और इनको ही बनाया  बेवकूफ बड़ा 
खूब किय राज इनपर 
और खूब लुटा इनको यहाँ पर 
खूब इस्तमाल किया लोगो ने 
जो सीधे थे उनको भी खूब लुटा 
 इस शहर के लोगो ने 

नाम- साहिल 

कक्षा -10 

गुरुवार, 7 मई 2026

बस थोड़ी ही देर की बात है

 कविता 

बस थोड़ी ही देर की बात है 
ये वक्त भी गुजर जाएगा 
थोड़ी सी परेशानी होगी ज़रूर 
 पर ये भी संभल जायेगा 
शायद कोई  भुज भी होगा 
और ख़ुशी जायेगा 
बस  कोई बात है 
ये  गुज़र जायेगा 
परेशानी तो अपना माहौल बनाएगा ही 
और अपने आप  ठहर भी जायेगा 
पर चाह इसकी काम नहीं होगी 
और खुद तुम्हारे सर पर चढ़ भी जायेगा 
बस थोड़ी ही देर  
है ये वक्त भी गुजर जायेगा 

नाम-गोविंदा

 कक्षा -10 

बुधवार, 6 मई 2026

राजा महाराजा बन गया

कविता 
राजा महाराजा बन गया 
राज्य राजधानी बन गया 
कानून गले का फन्दा बन गया 
उन्न्ति के नाम पर 
इंसान इंसानियत भूल गया 
राजा महाराजा बन गया 
राज्य राजधानी बन गया 
चिड़िया पिंजरे में रहकर भी 
बकता है 'मै आज़ाद परिंदा हूँ' 
समझदार लोग अपनी 
अपनी समझ को गुल्लक में रख लिया 
सब ज्ञानियों के साथ खेल कर गया 
संग में उनके गेम कर गया है
घोटाला  कर गया 
कुछ गवाँर लोग मान के 
बैठे है समाज उन्नति को 
खुद जो है अनपढ़ वो भी सोच रहे है 
उनसे ही हो पायेगा उन्नति 
जो है पड़े लिखू वो घुम रहे है उनके पीछे 
 झूँठ बोल बोलकर लोगों को गुमराह कर रहे है 
पड़े लिखे लोगो को अपने पीछे घुमा रहे है
खुद कर्रप्ट है 
मगर खुद दूसरों को कर्रप्ट कहते है 
ऐसा प्रशाशन है जो देश को लूट रहा है 
राजा महाराजा बन गया 
राज्य राजधानी बन गया 

नाम-अप्तर

कक्षा-9      

 

मंगलवार, 5 मई 2026

हम जितना पेड़ बचाएंगे

कविता 

हम जितना पेड़ बचाएंगे 
न पेड़ को काटेंगे न तोडेंगे 
जितना चाहे हो सके 
हम सब पेड़ बचाएंगे 
क्योंकि अब की यह गर्मी 
लोगों को करेगा परेशान 
और धूप से बचना  है नही आसान 
गर्मी में न इस काम आता पंखा 
 और न आता कूलर 
इस समय सिर्फ काम आता है पेड़ की छाँव 
 इसलिए हम पेड़ बचायेंगे
न पेड़ों को काटेगें  पेड़ तोड़ेंगे 
जितना हो सके पेड़ लगाएंगे 
और सारे पेड़ों को बचाएंगे 

नाम- नवलेश 

कक्षा -12  

शनिवार, 2 मई 2026

ये खूबसूरत प्रकृति में

कविता 

ये खूबसूरत प्रकृति में
कैसे बिखर रही है 
श्रंगार करती दिख रही है 
देखो खिलखिलाती फूलो को 
हरी भरी सुकुमार कलियो में 
जिसकी सुगन्ध में डूब रही है 
जगमगाती जुगनू से गलियां 
सुंदरता बिखर रही है 
धरती की धरोहर है 
मनोहर है 
बेकाबू करता है 
ये खूबसूरत प्रकृति में
नाम -शिवा 
कक्षा -10 
 

शुक्रवार, 1 मई 2026

काली काली रात है

 कविता 

काली काली रात है 
न जुगनू है न टारे है 
आसमान का न जाने क्यों मुखड़ा 
यूँ मुरझाएं 
सब तरफ सन्नाटा है और दर्द से ढके है 
आशा का उम्मीद मनो बस ख़त्म है 
मन में चाहत बस कब सबेरा होगा 
सूरज के किरणे फिर आस्मां को 
रंग देगा मनो पर जो रातों का 
ख्याल था उसे मिटा कर फिर 
से न्य उत्साह और अर्जी देगा 

नाम -निरंजन 

कक्षा- 10 

गुरुवार, 30 अप्रैल 2026

यह तपतपाती गर्मी का मौसम

 कविता 

यह तपतपाती गर्मी का मौसम 
नुक्सानदायक है ये मौसम 
सुबह से ही सुरु हो जाती है 
कड़क धुप का लहर 
लोगों के ऊपर छोड़ रहा है कहर 
सुरु हो गया है ये तपतपाती गर्मी 
लोगों को बीमार कर देगी ये गर्मी 
बहुत खतरनाक है ये तेज गर्मी 
लहराती हुई ये गर्मी 
तपतपाती ये गर्मी 
नाम -नवलेश 
कक्षा -12 

शनिवार, 25 अप्रैल 2026

अब बारी मेरी दिखाने की

 कविता 

अब बारी मेरी दिखाने की 
जी-जान और लगन लगाने की 
लोग सोचते है कामयाब न हो पाएंगे 
अब बारी है मेरी दिखाने की 
कामयाबी का मतलब बताएँगे 
उन्हें एक-एक पल हम सतायेंगे 
अपनी कामयाबी हम उन्हें दिखाएंगे 
टारगेट से भले ही चूक जायेंगे 
गलती उन्हें हम नहीं बताएँगे एक-एक पल हम सतायेंगे 
नींद नही आएगी उनकी आँखों में 
हम ऐसा काम कर जायेंगे 
सपनो में जाकर सतायेंगे 
अब उन्हें हम दिखाएंगे 
उम्मीद रखना तो हम भी सीखे है 
उम्मीद रखना उन्हें भी सिखाएंगे 
हौसला तो है मेरे अंदर 
इस  हौसले को हम दिखाएंगे 
अबकी बार  दिखाएंगे उन्हें हम 
कवी- नीरू कुमार 

कक्षा - 10 ( अपना घर ) 


गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

इंसान मुर्ख नहीं तो क्या है

 कविता 

सबसे बड़ा मुर्ख  है 
पहले पेड़ कट्टा है, फिर कागज और कलम बनाकर 
लिखते है ,हमें  काटना चाहिए 
इंसान मुर्ख नहीं तो क्या है 
पहाड़ तोड़ते घर बनाते 
फिर कहते है की मौसम में खराबी है 
इंसान मुर्ख नहीं तो क्या है 
पवित्र गंगा को गन्दा करते 
फिर कहते 
गंगा क्यों गन्दा है 
इंसान मुर्ख नहीं तो क्या है 
मनो   इंसान  तो क्या है 
कवी- अप्तर
कक्षा -9  

गुरुवार, 16 अप्रैल 2026

वो मज़दूर है और खुद

 कविता 

वो मज़दूर है और खुद 

के कमाए पैसों पर जीते है 

धुप में तपते है पर काम 

से पीछे नहीं हटते है 

कष्ट तो होता है उनकों भी बहुत 

पर मन से वह उड़ते है 

बारिश में भी लगते है और 

ठण्ड में हवाएं में भी जुटते है कष्ट तो होता है उनको भी बहुत 

पर मन से उठते नहीं है 

खुद की लड़ाई खुद ही लड़ते है 

इंसाफ जहा मिलना चाहिए 

उसके लिए भी भिड़ते है 

कामयी तो अक्सर नहीं मिलती 

पर खुलकर जीते है 

कसगत तो होता है उनको भी 

पर मन से उतट नहीं है 

नाम- गोविंदा 

क्लास -9