शनिवार, 2 मई 2026

ये खूबसूरत प्रकृति में

कविता 

ये खूबसूरत प्रकृति में
कैसे बिखर रही है 
श्रंगार करती दिख रही है 
देखो खिलखिलाती फूलो को 
हरी भरी सुकुमार कलियो में 
जिसकी सुगन्ध में डूब रही है 
जगमगाती जुगनू से गलियां 
सुंदरता बिखर रही है 
धरती की धरोहर है 
मनोहर है 
बेकाबू करता है 
ये खूबसूरत प्रकृति में
नाम -शिवा 
कक्षा -10 
 

कोई टिप्पणी नहीं: