मंगलवार, 15 सितंबर 2026

देश के वीर सपूतों को

 कविता 


आओ मिलकर उनकों हम याद करें 
इस तिरंगे के खातिर 
वीरों ने अपने प्राण दान दिए 
न की अपनी जान की परवाह 
ख़ुशी ख़ुशी अपनी जान त्याग दिए 
हर एक कदम उनका 
ब्रिटिशर्स की रूह कंपन रही 
देश के वीर सपूतों का आओ मिलकर याद करे 

कविता हमारे कवी रोहन  द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2023 में आये  थे रोहन  इस समय कक्षा 7    में पढ़ते है | अपना घर में 3    साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है 



कोई टिप्पणी नहीं: