कविता
मौसम बदल रहा है
अपने संग बरसात और धुप बिखेर रहा है
आ रही है बाढ़ इलाकों में
मौत का तांडव दिखा रही है
बहुत इलाकों में
मौसम बदल रहा है
अपने साथ बरसात और धुप बिखेर रहा है
मदमस्त होकर बरस रहा है मौसम
पानी की बौछार करा रहा है मौसम
अपने संग बरसात और धुप बिखेर रहा है
आ रही है बाढ़ इलाकों में
मौत का तांडव दिखा रही है
बहुत इलाकों में
मौसम बदल रहा है
अपने साथ बरसात और धुप बिखेर रहा है
मदमस्त होकर बरस रहा है मौसम
पानी की बौछार करा रहा है मौसम
कविता हमारे कवी साहिल कुमार द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018 में आये थे साहिल इस समय कक्षा 10 में पढ़ते है | अपना घर में 8 साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है
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