बुधवार, 9 सितंबर 2026

मौसम बदल रहा है

 कविता 

मौसम बदल रहा है 
 अपने संग बरसात और धुप बिखेर रहा है 
आ रही है बाढ़ इलाकों में 
मौत का तांडव दिखा रही है
बहुत इलाकों में 
मौसम बदल रहा है 
अपने साथ बरसात और धुप बिखेर रहा है 
मदमस्त होकर बरस रहा है मौसम 
पानी की बौछार करा रहा है मौसम 
कविता हमारे कवी साहिल  कुमार द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018   में आये  थे   साहिल   इस समय कक्षा 10   में पढ़ते है | अपना घर में 8   साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है

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