शनिवार, 12 सितंबर 2026

फुदक फुदक हो रही है बारिश

कविता 

फुदक फुदक हो रही है बारिश 
थोड़ी बहुत ही सही पर हो रही है बारिश 
तूफान का नामोनिशान नहीं 
हवा का काम सही है 
फुदक फुदक हो रही है बारिश 
चमक उठी है कलियाँ सारी 
बह रही है ये नदियां सारी
सूरज का अब काम है 
सूरज तो यूँ ही बदनाम है 
फुदक फुदक हो रही है बारिश  
 कविता हमारे कवी नीरू   द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018   में आये  थे  नीरू  इस समय कक्षा 10   में पढ़ते है | अपना घर में 8   साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है

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