"ठंडी को मिला मौका"
ठंडी का मौसम आया।
अग्नि प्रक्रिया हुआ शुरू।।
ठंडी में सुबह उठने का मन नहीं करता ।
बिस्तर पर लेटे रहने को दिल कहता।।
ठंडी का मौसम आया।
नहाने पर प्रतिबन्ध लगाया।।
धीरे - धीरे ठंडी बढ़ता जा रहा है।
टेम्परेचर 16 से 6 होता जा रहा है।।
ठंडी का मौसम आया।
अग्नि प्रक्रिया हुआ शुरू।।
कवि : अमित कुमार, कक्षा: 11th,
आशा ट्रस्ट, कानपुर केंद्र. "अपना घर"
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