शनिवार, 15 सितंबर 2018

कविता : चंद्रशेखर आज़ाद

" चंद्रशेखर आज़ाद "

चंद्रशेखर आज़ाद की थी यह क़ुरबानी, 
खूनों से भरी थी तालाब और नदियों का पानी | 
अंग्रेज़ भारतवासियों को लटका रहे थे, 
मौका मिलने पर धीरे से टपका रहे थे | 
 भारतवासियों में से निकला एक हीरो, 
अंग्रेज़ों को पटक -पटक कर दिया ज़ीरो | 
अब बताइये आप वो कौन थे हीरो, 
वरना आप भी है  देशभक्ति में ज़ीरो| 
चंद्रशेखर आज़ाद की थी यह क़ुरबानी, 
खूनों से भरी थी तालाब और नदियों का पानी | 

कवि : अकीबुल अली , कक्षा : 4th , अपना घर

कवि परिचय : यह  अकीबुल अली जो की असम के रहने वाले हैं अपना घर में रहकर कक्षा 4 की पढ़ाई कर रहे हैं | अकीबुल अली की यह पहली कविता है जो देश के एक महापुरुषके जीवन पर  लिखी है और वैसे   दूसरी कविता है | अकीबुल को गतिविधियों में भाग लेना बहुत अच्छा लगता है और अपने दिमाग का बहुत प्रयोग करते हैं | 


कोई टिप्पणी नहीं: