" कभी काम आएगे "
वक्त पड़ने पर सब आते है ,
काम हो जाने के बाद चले जातें है।
वो सिर्फ आप के साथ रहने का दिखवा करते है।
और तुरंत ही भूल जाते है ,
छड़ भर में वो बदल जाएगे।
हमें आधे रास्ते पर ही छोड़ जाएगे।
तो वो नजर कहा आएगे ,
हमारे साथ रहने का दिखावा करते है।
जब काम पड़ता है ,
तब छड़ भर में ही भूल जाते है।
वक्त पड़ने पर सब आते है ,
काम हो जाने के बाद चले जातें है।
वो सिर्फ आप के साथ रहने का दिखवा करते है।
और तुरंत ही भूल जाते है ,
छड़ भर में वो बदल जाएगे।
हमें आधे रास्ते पर ही छोड़ जाएगे।
तो वो नजर कहा आएगे ,
हमारे साथ रहने का दिखावा करते है।
जब काम पड़ता है ,
तब छड़ भर में ही भूल जाते है।
वक्त पड़ने पर सब आते है ,
काम हो जाने के बाद चले जातें है।
कवि :मंगल कुमार, कक्षा : 9th,
अपना घर।
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