" आशमा के दूर कही ,है एक जहां "
आशमा के दूर कही ,है एक जहां
है तो वो पास नहीं ,पर जाना है वहां।
रास्ते में रूकावट तो आएगी ही
पर हमें भटकना नहीं है यहां - वहां।
आशमा के दूर कही , है एक जहां
हालातो से रोना नहीं है
बस मेहनत करना है सोना नहीं है
आज नहीं तो कल सही पर जाना है वहां।
आशमा के दूर कही ,है एक जहां
जब मिलेंगे लोग हमसे , करेंगे बाते
उनमे से कुछ लोग पूछ भी लिया करते है
की बड़े होकर रहना है कहां
आशमा के दूर कही , है एक जहां
है तो वो पास नहीं ,पर जाना है वहां।
कवि : गोविंदा कुमार , कक्षा : 9th,
अपना घर।
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