शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

कविता: "नया साल मुबारक हो"

"नया साल मुबारक हो"
 
नया साल आया है।
 साथ में कई उम्मीदें लाया है।।
पुराने यादों को पीछे छोड़ आया है।
नया साल में नया खुशियाँ लाया है।।
नए  सपनो की ओर हाथ बढ़ाया।
नया साल देखो है आया।।  
कल की गलतियों को माफ़ करते है।
आओ साथ मिलकर एक नई शुरुआत करते है।। 
थोड़ा सा विश्वास और थोड़ा सा साथ। 
और होंगे नये सपने, अपने सकार।।
नया साल देखो है आया।  
साथ में कई उम्मीदें लाया है।।
 
कवि: रमेश कुमार, कक्षा; 5th,
आशा ट्रस्ट, कानपुर केंद्र. "अपना घर"

कोई टिप्पणी नहीं: