शुक्रवार, 23 जनवरी 2026

कविता: "क्रिकेट का दिन"

"क्रिकेट का दिन"
चलेंगे क्रिकेट खेलने 
कोशिश करंगे जीतने  की 
हार तो हमें मंजूर नहीं है 
जी - जान लगा देंगे इस खेल में 
हम्हारा target होगा 100 पार 
नहीं तो हम जाएंगे हार 
जल्दी - जल्दी सबको out है करना 
आज है हमें क्रिकेट खेलना 
 आज मैं पहले नंबर पर जाऊंगा 
 6 छके मारे बिना न आऊंगा 
आज है क्रिकेट का दिन 
खेले बिना नहीं लगता है मेरा मन 
कवि: गया कुमार, कक्षा: 5th,
आशा ट्रस्ट, कानपुर केंद्र. "अपना घर"

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