शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

कविता : "गर्मी आ चली है"

"गर्मी आ चली है" 
कुछ दिनों की बात है ,
गर्मी आने  इंतजार है। 
फिर न रहेगी सर्दी ,
न पहनेगे  अब सर्दी के  कपड़े। 
मजे करेंगे गर्मी का मौशम ,
कुछ दिनों की बात है। 
 गर्मी आने का इंतजार है। 
फिर होगी कभी कभी बरसात ,
खूब मजे करेंगे ये मौशम के साथ ,
चाहे गर्मी हो या बरसात।
कवि : नसीब कुमार, कक्षा : 3rd,
अपना घर  

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