"गर्मी आ चली है"
कुछ दिनों की बात है ,
गर्मी आने इंतजार है।
फिर न रहेगी सर्दी ,
न पहनेगे अब सर्दी के कपड़े।
मजे करेंगे गर्मी का मौशम ,
कुछ दिनों की बात है।
गर्मी आने का इंतजार है।
फिर होगी कभी कभी बरसात ,
खूब मजे करेंगे ये मौशम के साथ ,
चाहे गर्मी हो या बरसात।
कवि : नसीब कुमार, कक्षा : 3rd,
अपना घर
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