सोमवार, 19 जनवरी 2026

कविता: "पढ़ना हुआ मुश्किल"

"पढ़ना हुआ मुश्किल" 
अब आसान नहीं है पढ़ना लिखना। 
न जाने क्या - क्या नई चीजे आ गई है ।। 
जो सोच के परे है । 
अब एक छोटी सी चीज को भी बिस्तार से बताया है ।। 
 समझना मुशिकल है । 
अब तो नई  - नई  मशीने आ गई ।। 
 जिसका एक एक अंग भी पढ़ना है। 
 अब तो खेतो में  science पाया जा रहा है ।। 
जो जल्द  से जल्द फसल उगा रहा है । 
अब आसान नहीं है पड़ना लिखना । 
कवि: सुल्तान कुमार, कक्षा: 11th,
आशा ट्रस्ट, कानपुर केंद्र. "अपना घर"

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