शनिवार, 17 जनवरी 2026

कविता: "2026 की शुरुआत"

"2026 की शुरुआत"
हो गया है नया साल सुरु। 
नई जोश और नई अंदाज में। 
पुराने चीज पुराने हो गए 
अब नई चीज की शुरुआत हो गए
नई सोच होगी इसमें 
खिल - खिलाते मुस्कान होगी इसमें 
बाटेंगे प्यार सभी में 
न लड़ाई न दुश्मनी होगी कही 
बस एक जुट होगी सभी 
ख़त्म ही जाएगी सारी नफरते 
अब चलो शुरुआत नई करते 
 हो गया है नया साल सुरु 
कवि: सुल्तान कुमार, कक्षा: 11th,
आशा ट्रस्ट, कानपुर केंद्र. "अपना घर"

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