"लड़को की जिम्मेदारी"
घर में बड़े हो या छोटे।
वे अपनी जिम्मेदारी समझते ।।
नकारते नहीं कभी न कभी पीछे हटते है ।
जितना हम समझते है ।।
लड़के की जिंदगी आसान नहीं होती ।
अपने ही आँसू पी जाते है ।।
रोने पर भी वो रो नहीं पाते है।
अंदर ही अंदर गम सह जाते है ।।
ख्वाइस तो है उनकी भी ।
पर कभी वो बता नहीं पाते ।।
जितना हम समझते है ।
लड़को की जिंदगी आसान नहीं होती ।।
fail हो जाए तो उन्हें भी दुख होता है ।
कही depression में न चला जाए इसलिए खुश रहता है।।
आँसू तो गिरते है उनके भी।
पर कभी अंदर से टूटते नहीं है।।
जितना हम समझते है ।
लड़को जिंदगी आसान नहीं होती।। .......
कवि: सुल्तान कुमार, कक्षा: 9th,
आशा ट्रस्ट, कानपूर केंद्र. "अपना घर"
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