गुरुवार, 30 अप्रैल 2026

यह तपतपाती गर्मी का मौसम

 कविता 

यह तपतपाती गर्मी का मौसम 
नुक्सानदायक है ये मौसम 
सुबह से ही सुरु हो जाती है 
कड़क धुप का लहर 
लोगों के ऊपर छोड़ रहा है कहर 
सुरु हो गया है ये तपतपाती गर्मी 
लोगों को बीमार कर देगी ये गर्मी 
बहुत खतरनाक है ये तेज गर्मी 
लहराती हुई ये गर्मी 
तपतपाती ये गर्मी 
नाम -नवलेश 
कक्षा -12 

शनिवार, 25 अप्रैल 2026

अब बारी मेरी दिखाने की

 कविता 

अब बारी मेरी दिखाने की 
जी-जान और लगन लगाने की 
लोग सोचते है कामयाब न हो पाएंगे 
अब बारी है मेरी दिखाने की 
कामयाबी का मतलब बताएँगे 
उन्हें एक-एक पल हम सतायेंगे 
अपनी कामयाबी हम उन्हें दिखाएंगे 
टारगेट से भले ही चूक जायेंगे 
गलती उन्हें हम नहीं बताएँगे एक-एक पल हम सतायेंगे 
नींद नही आएगी उनकी आँखों में 
हम ऐसा काम कर जायेंगे 
सपनो में जाकर सतायेंगे 
अब उन्हें हम दिखाएंगे 
उम्मीद रखना तो हम भी सीखे है 
उम्मीद रखना उन्हें भी सिखाएंगे 
हौसला तो है मेरे अंदर 
इस  हौसले को हम दिखाएंगे 
अबकी बार  दिखाएंगे उन्हें हम 
कवी- नीरू कुमार 

कक्षा - 10 ( अपना घर ) 


गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

इंसान मुर्ख नहीं तो क्या है

 कविता 

सबसे बड़ा मुर्ख  है 
पहले पेड़ कट्टा है, फिर कागज और कलम बनाकर 
लिखते है ,हमें  काटना चाहिए 
इंसान मुर्ख नहीं तो क्या है 
पहाड़ तोड़ते घर बनाते 
फिर कहते है की मौसम में खराबी है 
इंसान मुर्ख नहीं तो क्या है 
पवित्र गंगा को गन्दा करते 
फिर कहते 
गंगा क्यों गन्दा है 
इंसान मुर्ख नहीं तो क्या है 
मनो   इंसान  तो क्या है 
कवी- अप्तर
कक्षा -9  

गुरुवार, 16 अप्रैल 2026

वो मज़दूर है और खुद

 कविता 

वो मज़दूर है और खुद 

के कमाए पैसों पर जीते है 

धुप में तपते है पर काम 

से पीछे नहीं हटते है 

कष्ट तो होता है उनकों भी बहुत 

पर मन से वह उड़ते है 

बारिश में भी लगते है और 

ठण्ड में हवाएं में भी जुटते है कष्ट तो होता है उनको भी बहुत 

पर मन से उठते नहीं है 

खुद की लड़ाई खुद ही लड़ते है 

इंसाफ जहा मिलना चाहिए 

उसके लिए भी भिड़ते है 

कामयी तो अक्सर नहीं मिलती 

पर खुलकर जीते है 

कसगत तो होता है उनको भी 

पर मन से उतट नहीं है 

नाम- गोविंदा 

क्लास -9