शनिवार, 25 अप्रैल 2026

अब बारी मेरी दिखाने की

 कविता 

अब बारी मेरी दिखाने की 
जी-जान और लगन लगाने की 
लोग सोचते है कामयाब न हो पाएंगे 
अब बारी है मेरी दिखाने की 
कामयाबी का मतलब बताएँगे 
उन्हें एक-एक पल हम सतायेंगे 
अपनी कामयाबी हम उन्हें दिखाएंगे 
टारगेट से भले ही चूक जायेंगे 
गलती उन्हें हम नहीं बताएँगे एक-एक पल हम सतायेंगे 
नींद नही आएगी उनकी आँखों में 
हम ऐसा काम कर जायेंगे 
सपनो में जाकर सतायेंगे 
अब उन्हें हम दिखाएंगे 
उम्मीद रखना तो हम भी सीखे है 
उम्मीद रखना उन्हें भी सिखाएंगे 
हौसला तो है मेरे अंदर 
इस  हौसले को हम दिखाएंगे 
अबकी बार  दिखाएंगे उन्हें हम 
कवी- नीरू कुमार 

कक्षा - 10 ( अपना घर ) 


कोई टिप्पणी नहीं: