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रविवार, 23 सितंबर 2012

शीर्षक :- स्वत: के नजारे में


स्वत: के नजारे में 
ख्यालों  की बारिश  में , 
बारिश  के   झोंके  में । 
पसीने मे लतपत ,
उस नज़ारे को देखने में । 
प्रार्थना की खुदा से ,
उन्हें लाने  की ।
वो तो नहीं आये ,
ख्यालों  के सपनों में । 
बारिश  की कोई सीमा न रही ,
जिनको आना था ।
ख़ुदा की दुआ से ,
जिनके ख्यालों मे ।
डूबे थे हजारों  लोग ,
उनके आने के ख्यालों में  ही ।
बारिश के नज़ारे थे ,
वो जो पड़े थे ।
उनके ख्यालों में ,
वे ही बूंदों का मजा ले रहे थे ।
रास्ते में  चलते हुये ,
हाथों  में  हाथ लिये ।
बालों  को सहलाते हुये , 
ख्यालों की बूंदो से ।
स्वतः  को ही वे ,
गम  के बूँद पिला रहे थे  ।

                                        नाम :  अशोक कुमार 
                       कक्षा : 10
                                                       अपना घर ,कानपुर 

शनिवार, 22 अक्टूबर 2011

कंहा डालें हम डेरा

कंहा डालें  हम डेरा 
दो दिन का है मेला,
कंहा डालें हम डेरा ....
ये जिन्दगी का है फेरा,
कंही तेरा कंही मेरा ....
दो दिन के सपनों में ,
जिनगी को हमने फेरा....
एस मेले में हमको उन्होने ढकेला,
जिन्होने हमको एस दुनियां में अकेला छोड़ा....
दो दिन का है मेला ,
कंहा डालें हम फेरा  .... 
नाम  : अशोक कुमार 
 कक्षा : 9                       
अपना घर ,कानपुर     

मंगलवार, 17 मई 2011

कविता : वही है भगवान

 वही है भगवान
जिन्हें अपनों की परवाह नहीं ,
दूसरों से चाहत नहीं ...
इन्साफ की परवाह नहीं ,
वह अपना हिन्दुस्तान नहीं ...
जिसे अपने पेट की परवाह हीं नही ,
अपनी बीबी से लगाव नहीं ....
और अपने बच्चों से प्यार नहीं , 
वह एक सच्चा इंसान नहीं ....
जिसे सभी से प्यार हो ,
हर एक से लगाव हो ....
और सभी को सम्मान दे ,
 वह है एक सच्चा इंसान ....
वही है इस युग का भगवान ,

लेखक : अशोक कुमार , कक्षा : 9, अपना घर  

बुधवार, 12 जनवरी 2011

कविता: जब भी देखू आकाश को............

जब भी देखू आकाश को ......

इस भूमि के हर किनारे से
देखों इस आकाश को॥
कंही काला कंही सफ़ेद।
क्यों है इसका ऐसा रंग॥
क्या किसी ने सोचा है।
उसको पास से देखा है॥
क्या किसी ने उसको समझा
पत्थर है या भाप का गोला
काश की
मै भी नभ उड़ जाता
आकाश को पूरा देख के आता
मेरी समझ में जाता आकाश।
जिससे मेरा भ्रम हो जाता साफ॥
जब भी देखू आकाश को
मन मचले उड़ जाने को

लेख़क: अशोक कुमार, कक्षा , अपना घर