कविता
पेड़ो की है दुनिया निराली
दुनिया में मिलेंगे पौधे पौधे लम्बे-लम्बे
काश मै भी पेड़ होता
ऊँचे-ऊँचे जगह देख जाता
पर मई फिर न टहल पाता
मई मिटटी में जकड जाता हूँ
न हिल पता न बोल पाता
पेड़ों की दुनिया है निराली
दुनिया में मिलेंगे पौधे पौधे लम्बे लम्बे
कविता हमारे कवी रवि द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2023 में आये थे रवि इस समय कक्षा 5 में पढ़ते है | अपना घर में 2 साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है |
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