सोमवार, 21 सितंबर 2026

पेड़ो की है दुनिया निराली

कविता 
 
पेड़ो की है दुनिया निराली 
दुनिया में मिलेंगे पौधे पौधे लम्बे-लम्बे 
काश मै भी पेड़ होता 
ऊँचे-ऊँचे जगह देख जाता 
पर मई फिर न टहल पाता 
मई मिटटी में जकड जाता हूँ 
न हिल पता न बोल  पाता 
पेड़ों की दुनिया है निराली 
दुनिया में मिलेंगे पौधे पौधे लम्बे लम्बे 

कविता हमारे कवी रवि  द्वारा  लिखी गयी है | ये अपना घर में 2023  में आये थे रवि  इस समय कक्षा 5  में पढ़ते है | अपना घर में 2  साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है |  



 


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