कविता
गर्मी का मौसम है आया
हरे भरे पेड़ पौधों पर है फूल आया
गर्मी से पसीना टपक रहा है
पंखा हवा देना बंद कर दिया है
गर्मी का मौसम है आया
कभी गर्मी ठंडी
का महीना आता रहता है
जब पेड़ पर फूल आते है तो भोंरे भी घर से निकल आते है
गर्मी का मौसम है आया
हरे भरे पेड़ पौधों पर है फूल आया
गर्मी से पसीना टपक रहा है
पंखा हवा देना बंद कर दिया है
गर्मी का मौसम है आया
कभी गर्मी ठंडी
का महीना आता रहता है
जब पेड़ पर फूल आते है तो भोंरे भी घर से निकल आते है
गर्मी का मौसम है आया
कविता हमारे कवी बिट्टू द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018 में आये थे बिट्टू इस समय कक्षा 10 में पढ़ते है | अपना घर में 8 साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है |
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