गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026

बारिश हो रही है ज़ोरदार

 कविता 

बारिश हो रही है ज़ोरदार 
रिमझिम रिमझिम 
बहुत दिनों से लगता है मौसम नाराज़ है 
हर तरफ से पानी है बरसा रहा 
लगातार बारिश कहर है अपना दिखा रहा 
घर के अंदर बैठे बैठे हो रहे है बोर 
बारिश हो रही है जोर जोर 
बच्चे भी खूब नहा रहे है 
बारिश हो राजहि है जोर जोर 
रिमझिम रिमझिम 

कविता हमारे कवी विष्णु द्वारा  लिखी गयी है | ये अपना घर में 2024    में आये थे विष्णु   इस समय कक्षा 4  में पढ़ते है | अपना घर में 2  साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के  |