सोमवार, 19 अक्टूबर 2026

न गर्मी बौराती इस पल

 कविता 

न गर्मी बौराती इस पल 
न होती चिपचिपी बरसात इस दिन 
सुस्त हवा है साथ साथ 
कोमल सी है धुप आज 
क्या बात है 
वातावरण में है कुछ खास आज
सांसो में समां रही आज 
बीते वर्षो की पुरानी एहसास 
शरारती मन में 
उमड़ रही है बैचैन भरी  लहर
हर पल हर दम 
देख देख ये सुहाना मौसम    
 नाम -पिंटू 
कक्षा -11 

कोई टिप्पणी नहीं: