गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026

दिन में हुआ हल बेहाल

 कविता 

दिन में हुआ हल बेहाल 
कीपोंकी भाई आ गया गर्मी के दिन 
जब दिनभर एक ही चीज 
दिखती है वह है सूरज 
चमक उठा  है सूरज 
अब सूरज की होने वाली है रवानगी क्योकि 
ठंडी के दिन की होने वाली है शुरुआत 
बर्फ आ रहा है आमो के सीजन 
ला रहा है 
दिन में हाल बेहाल है 
नाम - अभिषेक 
कक्षा- 8 

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