बुधवार, 13 अगस्त 2025

कविता: "नन्हा तारा "

"नन्हा तारा " 
 आसमान का एक तारा हूँ। 
नन्हा और सबसे प्यारा हूँ। 
जगत की एक उम्मीद हु। 
सबके दिलो से नाता है। 
प्रकाश की एक किरण हुँ। 
आसमान का एक तारा हूँ। 
 सबसे अनोखा और प्यारा हूँ। 
है एक अँधेरी रातो की ,
जलता हुआ प्रकश का दीपक हूँ  
 आसमान का एक तारा हूँ। 
नन्हा और सबसे प्यारा हूँ। 
कवि: नीरज कुमार, कक्षा: 5th,
अपना घर। 

कविता: " माँ "

 " माँ "
खो जाता हूँ उन यादो में।  
उसकी ख्वाबो और बातो में। 
हाथ फेर कर  गाती थी वो लोरी , 
मैं सो जाऊ इस लिए वो ,
करती थी अपनी नींद से चोरी। 
माँ कि ममता कुछ इसी तरह बतलाती है। 
 बच्चा था मई बस ये ही समझती थी। 
कवि:  निरंजन कुमार, कक्षा: 9th,
अपना घर। 

मंगलवार, 12 अगस्त 2025

कविता: "माँ तेरी याद आज भी आती है"

"माँ तेरी याद आज भी आती है"
माँ तेरी याद मुझको बहुत सताती है। 
इतना ही नहीं रोज रुलाती है। 
 सोते समय मेरी सपनो में आती हो।  
माँ तेरी याद मुझको बहुत सताती है। 
मुझको तेरे पास आने का मन , 
तो बहुत करता है लेकिन ,
 मैं आ नहीं सकता ,
लेकिन सपनो में खोया ,
हुआ सपना मैं खो नहीं सकता। 
माँ तेरी याद मुझको बहुत सताती है। 
तेरी वो रत की कहानिया बहुत याद दिलाती है। 
तेरी वो चूड़ी की खान - खान की ,
आवाज आज भी आती है। 
माँ तेरी याद मुझको बहुत सताती है। 
कवि: विष्णु कुमार, कक्षा: 6th,
अपना घर।  

Poem: "Small Steps, Big Impact"

 

  "Small Steps, Big Impact"  
Simple win is more beautiful.
Sometimes it revive internal soul.
Small steps have move patience 
It create path to go through it.
Without getting our destiny
Impossible for simple win,
In a dramatic world,
Everyone ignore your small success,
But, simple win is more beautiful.
Sometime it revive internal soul.
Glimpse around yourself deeply.
No one aware of simple win.
Everyone want big achievement or success,
But no one try to start from small step,
But, simple win is more beautiful.
Sometime it revive internal soul . 
Poet: Amit Kumar, class: 11th.
Apna Ghar.
 

कविता: " चलो कुछ सीखेंगे "


" चलो कुछ सीखेंगे "
चलो - चले ये किताबो की संसार में। 
कुछ जानेगे तो कुछ सीखेंगे ,
पहचानेगे / समझेंगे इस संसार को। 
निकले है घूमने की तलाश में ,
देखेंगे हर तरह के तारे। 
ढूंढ लेंगे ये तारो को आसमान में ,
बहुत कुछ है इस संसार में। 
चलो इस दुनिया / संसार से प्यार करे ,
और जान जाऐंगे ये पूरा जग - संसार।  
किताबो पड़ने के प्यास में ,
चलो - चले किताबो की संसार में। 
कुछ सीखेंगे , उच्च जानेगे ,
जान जाऐंगे ये पूरा जग - संसार। 
कवि: नीरज कुमार, कक्षा: 5th, 
अपना घर। 

सोमवार, 11 अगस्त 2025

कविता: " वर्षा "

" वर्षा "
 रिमझिम वर्षा बरस गई ,
कच्ची पगडंडी की रस्ते को भी ,
हर कदम - कदम सींच गई। 
झींगुर की झंकार ,
मेढक की टर्र टर्र भी ,
शाम - सुबह तक खूब गूंजी। 
घर की आंगन में ,
तो कभी खेत - खलियान में ,
पानी की पतली धारा के संग। 
केचुएँ अंगणित मिले ,
वर्षा में धरती से उठती भाप से ,
भीगी मिट्टी की गर्म भी ,
पुरे वातावरण में धुल मिल गई। 
गरदे से देखते फ़िस्सर सरे पेड़ - पौधे ,
चुटकी में चम् उठी ,
झुकी - झुकी डाकियो में ,
नए नवीन पत्ते भी ,
अपने असली रंग में पाए। 
कड़कती धुप से बेताब ,
 मुरझाई साग - सब्जियाँ व मिठे फल , 
अब देखने में तंदरुस्त हो गई। 
जल से भरे तालाब में मेढक ,
प्यासे - पशु - पक्षी का भी ,
अब प्यासा जड़ से उजाड़ गए। 
वर्षाऋतु के आते ही ,
सुखी जमीं को जान मिल आई। 
रिमझिम वर्षा बरस गई ।।
कवि: पिंटू कुमार, कक्षा: 9th,
अपना घर। 

कविता: " मुश्किल हुए दिन "

 " मुश्किल हुए दिन "
गर्मी का मौसम आया,
सूरज ने आँखे दिखलाई। 
चमके सरताज जोर जोर से ,
दिनभर गर्मी फैलाये जोर से, 
गर्मी का आया मौसम। 
इस मौसम में ठंडी चाहिए ,
जो रहता पहुँचाए ऐसी हवा चाहिए ,
लपट चले पुरे दिन भर। 
लू ने भी की अपनी हरकत,
करा बीमार लोगो को, 
अब कुछ न सुझा उनको। 
गर्मी का आया मौसम ,
सूरज ने आँखे दिखलाऐ। 
कवि: साहिल कुमार, कक्षा: 9th,
 अपना घर। 

कविता: " गर्मी से साथ मजे "

 " गर्मी से साथ मजे "
 आज के मौसम में कुछ बदलाव है ,
कभी धुप तो कभी छाया है। 
हवा का नामो निशान नहीं है, 
आज के मौसम में कुछ बदलाव है। 
बहार निकालो तो कड़क धुप  ,
भीतर आओ तो छाया। 
कूलर - पंखा की हवा से ,
दूर हो जाता है तनाव। 
लगाई हिमालय ठंडा तेल ,
फिर आप देखेंगे उसका खेल ,
लगा के देह में कूल पाउडर ,
दूर भगाया गर्मी का दर.
सिर दर्द से रहत पाए ,
इसलिए हिमालय ठंडा तेल लगाए। 
ठंडा - ठंडा, कूल - कूल हो जाए।
कवि: मंगल कुमार, कक्षा: 9th,
अपना घर।   

Poem: " Fun with Math's"

 " Fun with Math's"
 the given figure is Triangle,
we need to find area and angle.
Hypotonus is the longest side of Triangle, 
the given is 90-degree angle.
sum of side is four perimeters,
one by two, base * height is Formula,
for area of Triangle.
the given figure is of 3 sides and 3 angle, 
Pizza is shape of Triangle. 
 the given figure is Triangle,
we need to find area and angle.
Poet: Pankaj Kumar, class: 10th,
Apna Ghar. 

कविता: " मजे में थी जिन्दगी "

 " मजे में थी जिन्दगी  "
कभी - कभी सोचता हूँ सब खत्म हो गए। 
ये खुशी की पहाड़ कही गम हो गए। 
इतनी फुरसत नहीं है अब अपने आप को, 
जो देख सके बीते हुए सपने को। 
वो मस्त बचपन खेल रहा था आँगन में, 
क्या कभी लौट पाएगा वो समय बचपन में ? 
जब बेफिक्र होकर घूमता था। 
इस परेशानियों से दूर ,
जिन्दगी अपनी जीता था। 
तब दुख नहीं था कुछ खोने का ,
अब दुख है कुछ पाने का। 
कभी - कभी सोचता हूँ सब खत्म हो गए। 
ये खुशी की पहाड़ कही गम हो गए। 
कवि: निरु कुमार, कक्षा: 9th,
अपना घर। 

रविवार, 10 अगस्त 2025

कवित: " गर्मी का आक्रमण "

 कवित: " गर्मी का आक्रमण "
पोछ  पोछ पसीना, 
हय! मई तो बेदम हुआ । 
सिर पर तारे मांडाराते  सार,
हय! मई तो चकरा गया । 
क्या बताऊ यार मेरे मई,
मई तो इस गर्मी से बौखाला गया । 
लगे जैसे सिर पर गोला आग का,
नजर मारते ही तुरंत,
हय! मेरे दिमाग की बत्ती बूज गया, 
आई बिजली भी न जाने क्यों ?
तुरंत ही चली गई । 
इस गर्मी से क्या बतलाऊ भाई मेरे, 
पसीना से मई लत पैट हुआ...... ।
कवि: पिंटू कुमार, कक्षा: 10th, 
अपना घर ।