शुक्रवार, 17 जुलाई 2026

बारीश का मौसम है आ गया

 कविता 

बारीश का मौसम है आ गया 
काम हुई है थोड़ी गर्मी 
बरसात का मौसम है आ गर्म 
इससे पहले न हो रही थी बरसात 
सिर्फ धुप धुप हो गए थे परेशां 
अब मिली ही थोड़ी आराम जब रहती है मौसम बारिश का 
तब नहीं होती है बरसात 
तब हो जाती है पसीने की बरसात 

नाम - नवलेश 

कक्षा -12  

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