बुधवार, 24 मार्च 2010

कविता :पुलिस दरोगा एस.पी .आये

पुलिस दरोगा एस.पी.आये

पुलिस दरोगा एस.पी.आये ।
संग में अपने दो कैदी लाये ॥
उसमें एक कैदी चोर था ।
दिखने में कमजोर था ॥
रात में चोरी करता था ।
अपने बच्चों का पेट भरता था ॥
दूसरा कैदी आतंकी था ।
सारे देश में आतंक फैलाता था ॥
आतंक में बहुत से लोग मरते थे ।
आतंकी हमला करता था ॥

लेखक :हंसराज कुमार
कक्षा :
अपना घर

3 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत अच्छा प्रयास है बेटा. लिखते रहो!! शाबास!

Suman ने कहा…

nice

अक्षिता (पाखी) ने कहा…

बहुत बढ़िया लिखा. हंसराज भैया को बधाई.


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