कविता :हंसराज कुमार बाल कविताएँ बाल कहानियाँ बाल गीत किस्से कहानी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
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शनिवार, 19 मई 2012

कविता :- वीरों की कहानी

वीरों की कहानी 
कविता मेरी बड़ी सायानी....
पढ़ लो तो याद आ जाये वीरों की कहानी,
समझ में नहीं आता है....
इस कविता में लिखूं मैं किसकी कहानी,
भारत को आजाद करानें में....
थे  दो दल पहला नरम दूसरा गरम,
लड़े सही जमकर....
पाई आजादी खुशियाँ मनाई जमकर,
भारत को आजाद कराने में....
हो गए वतन पर निछावर,
कुछ भी न सही....
फिर भी याद करो वीरों की कुर्बानी,
नाम : हंसराज कुमार 
कक्षा : 9
अपना घर

बुधवार, 24 मार्च 2010

कविता :पुलिस दरोगा एस.पी .आये

पुलिस दरोगा एस.पी.आये

पुलिस दरोगा एस.पी.आये ।
संग में अपने दो कैदी लाये ॥
उसमें एक कैदी चोर था ।
दिखने में कमजोर था ॥
रात में चोरी करता था ।
अपने बच्चों का पेट भरता था ॥
दूसरा कैदी आतंकी था ।
सारे देश में आतंक फैलाता था ॥
आतंक में बहुत से लोग मरते थे ।
आतंकी हमला करता था ॥

लेखक :हंसराज कुमार
कक्षा :
अपना घर

सोमवार, 8 मार्च 2010

कविता - होली का दिन आया



होली का दिन आया

होली का दिन आया है
सब के मन में खुशियाँ लाया है ॥
होली में लाल गुलाबी सभी रंग हैं मिल जाते
तो होली का मजा कुछ और ही हो जाता है ॥
होली का त्यौहार सभी को आपस में मिलाता है
सभी रंग में भंग हो जाते हैं
आपस में सभी लोग मिल जाते हैं
मस्त होकर गाना गाते हैं
होली का दिन आया है
खुशियाँ सभी के मन में लाया है

लेखक :हंसराज कुमार
कक्षा :
अपना घर