सोमवार, 18 मई 2009

कहानी: ऊंट और सियार

उंट और सियार
एक बड़ा सा जंगल था, उस जंगल में एक सियार और एक ऊंट रहता था, उन दोनों में पक्की दोस्ती थी। उंट बहुँत ही शांत और समझदार था पर सियार कुछ ज्यादा ही चालक और गुस्सैल था। सियार हमेशा ऊं के बारे में बुरा सोचता रहता था। एक दिन सियार और ऊंट में किसी बात को लेकर बहस छिड़ गई। सियार बातो ही बातो में गुस्सा होने लगा अचानक सियार को बहुँत गुस्सा आ गया। सियार गुस्से में बोला अगर तू चुप नही हुआ तो मै तुझे मारकर तेरा मांस भी खा जाऊंगा। ऊंट ये नही चाहता था की आपस में कोई झगडा हो इसलिए उंट शांत होकर बोला मै नही चाहता आपस में कोई झगडा हो अगर मुझे से कोई गलती हुई है तो मै तुमसे माफ़ी मांगता हूँ। ऊंट ने कहा मुझसे जो भी अब तक गलती हुई है उन सबके लिए मै माफ़ी मांगता हूँ अब मुझे माफ़ कर दो, और अब मै ये जंगल भी छोड़कर जा रहा हूँ ताकि तुम्हे कोई कष्ट न हो, इतना कहकर ऊंट जंगल से चल पड़ा। सियार को ये सब सुनकर बड़ा अफ़सोस हुआ की गलती मेरी है और ऊंट मुझसे ही माफ़ी मांग रहा है। उसे बहुँत पछतावा हुआ, सियार दौड़ कर गया और ऊंट के पैरो से लिपट गया और कहा मुझसे गलती हुई है मुझे माफा कर दो और जंगल छोड़कर मत जाओ। आगे से मै ऐसा कभी नही करूँगा, ऊंट ने उसे उठाकर गले से लगा लिया। ऊंट और सियार फ़िर आपस में प्यार और मजे से रहने लगे...
कहानी: आदित्य कुमार, कक्षा , अपना घर
पेंटिंग: सागर कुमार, कक्षा , अपना घर

3 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

प्यारी कहानी.

creativekona ने कहा…

बहुत बढ़िया कहानी लिखी है आदित्य ने ...आदित्य जी को मेरी
ओर से शुभकामनायें पहुंचाएं .
हेमंत कुमार

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

अच्छी कहानी!