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शनिवार, 29 सितंबर 2012

शीर्षक :- अंतर

 शीर्षक :- अंतर
 गाँव जैसा माहौल ।
 वो शहरों में कहां।।
 शहरों जैसी दुकाने ।
 वो गाँव में  कहां।।
 सभी स्थानो  का है।
 अपनी -अपनी जगह ।।
  अपना -अपना महत्व।
 फिर क्यों होता है।।
 एक -दूसरे मे मतभेद ।
  गाँव के निवासी ।।
  शहरों में बसे है ।
  फिर क्यों वो अपने को ।।
  शहरी समझ रहें हैं ।
  गाँव से ही अन्न जाता है।।
  सभी शहरों में ।
  इसीलिये ठहरे हुए  हैं ।।
  वो शहरों में।
नाम : ज्ञान कुमार 
कक्षा : 9
अपना घर ,कानपुर 


 

बुधवार, 26 सितंबर 2012

शीर्षक :-सभी के दिन



शीर्षक :-सभी के दिन
आते है सभी के,
खुशी के दिन । 
आते है सभी के,
दुखी के दिन ।
फर्क दोनों में,
काफ़ी बड़ा है । 
दुख खुशी से,
काफ़ी बड़ा है ।
दुःख के दिन,
आते है जब । 
तब खुशी के,
दिन चले जाते है सब ।
नाम :ज्ञान कुमार 
 कक्षा :7
अपना घर, कानपुर 

बुधवार, 9 फ़रवरी 2011

शीर्षक -पक्षी आवारा

कविता -पक्षी आवारा
चल रही हैं पवन की लहरें
उड़ रहे आसमान में  पक्षी बहरे
पक्षी को हवा का इशारा हैं
लेकिन पक्षी आवारा हैं
पक्षी का कोई साथ मिल जाये
ताकि वह हवा का इशारा समझ जाये
चल रही हैं पवन की लहरें
उड़ रहे असमान में पक्षी बहरे
लेख़क - ज्ञान 
कक्षा -७ 
अपना घर ,कानपुर