बुधवार, 9 फ़रवरी 2011

शीर्षक -पक्षी आवारा

कविता -पक्षी आवारा
चल रही हैं पवन की लहरें
उड़ रहे आसमान में  पक्षी बहरे
पक्षी को हवा का इशारा हैं
लेकिन पक्षी आवारा हैं
पक्षी का कोई साथ मिल जाये
ताकि वह हवा का इशारा समझ जाये
चल रही हैं पवन की लहरें
उड़ रहे असमान में पक्षी बहरे
लेख़क - ज्ञान 
कक्षा -७ 
अपना घर ,कानपुर

1 टिप्पणी:

चैतन्य शर्मा ने कहा…

मजेदार है पक्षी की कविता.....