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बुधवार, 9 जनवरी 2013

शीर्षक : मेरा भारत महान


    मेरा भारत महान
सभी देशो से  है महान ।
ये है हमारा प्यार हिन्दुस्तान ।।
लोग यहाँ पर इसका ,
करते खूब गुणगान ।
इसकी महानता का जब पता लगाया ।।
मैं तब कुछ जान पाया ।
घूसखोरी और घोटाला ।
यही है इसकी सबसे बड़ी शान ।।
बहू ,बेटिओं की न इज्जत होती ।
करते है लोग खूब धूम्रपान ।।
इन सब के बावजूद भी ।
भारत मेरा सबसे महान ।।
naam : dharmendra kumar
class : 9
apna ghar , kanpur

गुरुवार, 3 जनवरी 2013

शीर्षक: क्या इसके सिवा कोई काम धंधा नहीं

 क्या इसके सिवा कोई काम धंधा नहीं
भाई बहनों  नहीं के नहीं , बाप बेटी का रहा नहीं ।
हवस के इस दौर में , क्या- क्या नहीं ।।
दिल, जिगर , जज्बात सब बिक चुका है ।
बचाना नहीं इंशा नियत खत्म , हैवान जाग गया है ।।
सुरछित नहीं वो , जिसकी जेब मे पैसा नहीं  है ।।
कितनी दर्दनाक मौत हुई उन मासूमों की ।
फैसला जिसका आजतक हुवा नही।।
जानवर से बत्तर जिंदगी जीते हो ।
इंसानियत की राह पर क्यो चलते नहीं ।
क्यों इस राह पर चल पड़ते है लोग ?
क्या इसके सिवा कोई काम - धंधा नहीं
?
                                                                                                    dharmendra kumar
                                                                   class :9

                                                                   apna ghar ,kaanpur
                                                                                                

शनिवार, 15 दिसंबर 2012

शीर्षक : हिन्दुस्तान हमारा

   हिन्दुस्तान हमारा 
वहां दूर एक जहान है,
नाम जिसका हिन्दुस्तान है ,
लोग वहाँ के जिनके पास ,
न रोटी , न कपड़ा और न ही मकान है
नेताओं की इस राजनीति मे फसकर ,
यंहा का हर एक बंदा परेशान  है ,
आजाद हुए ज़माना गुजर गया ,
लेकिन गरीब अभी परेशान है ,
बालत्कार ,चोरी ,डकैती
इनका भी सबसे ऊपर नाम है ,
नेता ,अफसर सब यहाँ के ऐसे ,
पैसो मई भी इनकी जान है ,
रोज पढ़ता हूँ ऐसी खबरे ,
तो मेरे दिल मे एक उठता है तूफान ,
इस सब के बावजूद भी आज  मेरा ,
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा ,
नाम : धर्मेन्द्र कुमार 
कक्षा : 9
अपना घर ,कानपुर 

रविवार, 9 दिसंबर 2012

शीर्षक : जीवन यात्रा

    जीवन यात्रा 
जीवन के इस अदभुत संसार मे ,
पाया तूने जो मनुष्य का जीवन ।
इस समाज के लिए है कुछ करना ।
महसूस न करना कभी अकेला पन ।।
जीवन की इस लम्बी यात्रा मे ।
मुश्किले बहुत है आयेंगी ।।
डटकर लड़ना इन मुश्किलों से ,
सफलता तुझे खुद मिल जायेगी ।
पद का अपने मत करना अभिमान ,
देना तुम सबको सम्मान ,
नाम : धर्मेन्द्र कुमार 
कक्षा : 9
अपना घर , कानपुर 

बुधवार, 5 दिसंबर 2012

शीर्षक : हमारे नेता के वादे

शीर्षक : हमारे नेता के वादे
एक बार मुझे सरकार बनाने दो ।
और फिर सत्ता मे आने दो ।।
कसम खुदा की भारत को स्वर्ग बना दूँगा ।
भाषण से अपने गरीबी का भूत भगा दूँगा ।।
सड़क नाली और बिजली पानी ,
ख़तम होगी इन सब की परेशानी ,
मई जनसेवक हूँ थोड़ा पुण्य कमाने दो ,
बस एक बार मुझे सरकार बनाने दो ।।
ऐसे होते  हमारे नेता के वादे ।
सरकार बनाने पर बदल जाते है इनके इरादे

फिर जगह - जगह ये ठेके खुलवाते ।
लेकर के घूस खूब पैसे कमाते ।।
भोली - भाली  सी इस जनता को ।
मीठे - मीठे वांदो का ये जूस पिलाते है ।।
अरबो - खरबों , करोड़ो ,रुपये ये गटक जाते है ।
नाम:  धर्मेन्द्र कुमार
कक्षा 9
अपना घर कानपुर

रविवार, 2 दिसंबर 2012

फिर भी मेरा भारत महान

     फिर भी मेरा भारत महान
आजाद हिंदुस्तान की आजाद कहानी ,
हिंदुस्तान की है ये जवानी ,
अनगिनत होते है अत्याचार ,
बनकर नेता करते भष्ट्राचार ,
 आजाद हिंदुस्तान की आजाद कहानी ,
हर नेता करता मनमानी ,
माँ बेटियो पर होते अत्याचार ,
कन्हा गया वो अब शिष्टाचार ,
आँखों मे वो डर बसा है ,
  आँखों मे वो इतिहास रचा है ,
बाहर निकलने  मे भी लगता है डर ,
ये मासूम बेचारे  अब जांए किधर ,
नरक से बद्तर हो गया हिन्दुस्तान ,
  फिर भी कहते हम ,मेरा भारत महान ,
नाम : धर्मेन्द्र कुमार 
कक्षा : 9
अपना घर ,कानपुर