कविता -सोनू बाल कविताये बाल कहानिया बाल गीत किस्से खानी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
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रविवार, 6 मई 2012

कविता :-कुछ छुपा हुआ था

कुछ छुपा हुआ था 
इस देश में छुपी हुई थी....
उन खजानों की बोरी,
ये सब तो अंग्रेज ले गए....
हमें थमा गए कटोरी,
ये देख कर हमें बचाने....
आये कई बड़े राजा और रानी,
अंग्रेज ले गए आलीशान बंगला....
हमें थमा गए टुटा छज्जा,
छज्जे से टपक रहा था पानी....
उसमे बहे राजा और रानी,
तब अंग्रेजो ने ठानी....
करेंगे हम देश में मनमानी,
इस देश में छुपी हुई थी....
उन खजानों की बोरी,
ये सब तो अंग्रेज ले गए....
हमें थमा गए कटोरी,
नाम :सोनू कुमार 
कक्षा :10
अपना घर 

मंगलवार, 28 फ़रवरी 2012

कविता : हमारा देश

 हमारा देश

भारत जैसा सुन्दर देश ,
जैसा देश है वैसा वेश .....
बड़े-बड़े ऋषि मुनियों ने ,
लिया था जन्म इस देश में....
बड़े-बड़े ग्रन्थों का वर्णन ,
है यहाँ के प्रदेश में ....
नहरों -नदियों से होती है सिचाई,
येसी खेती कहीं नहीं पायी .......
भारत जैसा सुन्दर देश,
जैसा देश है वैसा वेश.....

लेखक : सोनू कुमार 
कक्षा : 10  
अपना घर     

शुक्रवार, 18 मार्च 2011

कविता : बादल

बादल 

काले - काले बादल आये ,
साथ में अपने पानी लाये ....
छाई चारो तरफ हरियाली ,
फ़ूला समाया न खुशी से माली .....
फूलों से भर गयी है बगिया ,
कहतें हैं झरनें और नदियाँ ....
बढ़ी आक्सीजन ख़त्म आक्साइड ,
अगर हम इंसान न करें पेड़ों से फाइट ....
लेखक : सोनू कुमार 
कक्षा :9
अपना घर  

सोमवार, 19 जुलाई 2010

कविता बरसात का महीना

बरसात का महीना
बरसा पानी आया बरसात का महीना ,
सभी ने मिलकर खूब झूमा....
फसल कटी और भीगे खेत,
राजस्थान से भी हट गयी रेत....
आ गयी गाँव में हरियाली,
रही न सीमा खुशी से खाली....
खुल गये स्कूल बच्चे खूब पढ़े,
पढ़ लिख कर वे आगे बढे.....
पेपर हुये जब सब हुये पास,
इस बार की छुट्टी रही न खास.....
लेखक सोनू कक्षा ९ अपना घर कानपुर

शनिवार, 2 जनवरी 2010

कविता - देश

कविता
देश राष्ट्र का करो सम्मान ।
पढो लिखो और बनो महान ॥
आंधी तूफान से डरो न तुम ।
आगे बढाओ कदम कदम ॥
जब तक रहो कर्तब्य पहचानो ।
नही किसी से डरना जानो ॥
हक़ को अपने तुम पहचानो ।
देश पर अपने मरना जानो ॥
सिर्फ यही आपकी पहचान ।
पढो -लिखो और बनो महान ॥

लेखक - सोनू कुमार
कक्षा -७
अपना घर