सोमवार, 19 जुलाई 2010

कविता बरसात का महीना

बरसात का महीना
बरसा पानी आया बरसात का महीना ,
सभी ने मिलकर खूब झूमा....
फसल कटी और भीगे खेत,
राजस्थान से भी हट गयी रेत....
आ गयी गाँव में हरियाली,
रही न सीमा खुशी से खाली....
खुल गये स्कूल बच्चे खूब पढ़े,
पढ़ लिख कर वे आगे बढे.....
पेपर हुये जब सब हुये पास,
इस बार की छुट्टी रही न खास.....
लेखक सोनू कक्षा अपना घर कानपुर

2 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

सोनू की रचना पढकर अच्छा लगा!
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आपकी पोस्ट की चर्चा यहाँ भी है-
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/07/7.html

madan ram arya ने कहा…

wah kya kavita hai