कविता :-धर्मेन्द्र कुमार बाल कविताएँ बाल कहानियां बाल गीत किस्से कहानी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
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सोमवार, 9 जुलाई 2012

शीर्षक :- सावन

शीर्षक :- सावन 
आया सावन छायी हरियाली....
अम्बर में घिरी है घटा काली,
हर जगह अब फैला कीचड़....
पानी से गली है गई भर,
सावन में लगने लगे पेड़ों पर झूले....
बड़े हुए हम वो सब है अब भूले,
खेतों में जब बरसा पानी खुश हुआ किसान....
सूखी धरती में आई फिर से जान,
भीगते हुए बारिश में स्कूल जाना....
झमाझम बारिश में खूब नहाना,
बरसात में है सबको मजा आता....
इसीलिए सावन है भाता,
कवि : धर्मेन्द्र कुमार 
कक्षा : 9
अपना घर 

गुरुवार, 5 जुलाई 2012

शीर्षक :- पढ़ाई

शीर्षक :- पढ़ाई 
अपनी इस जिन्दगी में....
पढाई है बहुत जरुरी,
हमेशा अच्छे से पढाई करना....
हो चाहे जितनी मज़बूरी,
जीवन में मुश्किलें आयेंगी बहुत....
इन मुश्किलों से तुम लड़ना,
पढाई अच्छे से करके तुम....
जीवन में कुछ करना,
जब होगा तुमको कुछ ज्ञान....
तभी होगा तुम्हारा सम्मान,
लड़कर मुश्किलों से आगे बढ़ना....
हारकर मुश्किलों से मत पीछे हटना,
कवि : धर्मेन्द्र कुमार 
कक्षा : 9 
अपना घर 

सोमवार, 4 जून 2012

कविता :- नेता

कविता :- नेता 
भ्रष्ट है ये आज के नेता....
और भ्रष्ट है ये उनकी सरकार,
फैला रखी चारों ओर बर्बादी....
और ये जनता खड़ी लाचार,
खट्टे-मीठे ये वादे करके....
वो हमको खूब है लुभाते,
बिन सोंचे और बिन समझे....
हम भी वोट देने चले जाते,
आज की ओ युवा शक्ति....
तुम अब जाग जाओ,
भ्रष्टाचार को दूर भगाकर....
प्यारा सा एक देश बनाओ,
नाम : धर्मेन्द्र कुमार 
कक्षा : 9 
अपना घर

गुरुवार, 24 मई 2012

कविता :- आ गई गर्मियों की छुट्टियाँ

कविता :- आ गई गर्मियों की छुट्टियाँ 
आ गई छुट्टियाँ अब गर्मी की....
घूमने मौज मस्ती की है बारी, 
गर्मी में ये स्कूल की छुट्टियाँ....
लगती है सबको बहुत प्यारी,
गर्मी की इन छुट्टियों में....
सिर्फ मौज मस्ती नहीं करना हमें, 
अच्छे अच्छे कुछ काम करें....
तो कुछ बात करें,
अब गर्मी की छुट्टियों में....
गरीब बच्चों को पढ़ाऊँगा,
ऐसे और कुछ कम करके....
देश को आगे बढ़ाऊँगा,
नाम : धर्मेन्द्र कुमार 
कक्षा : 9
अपना घर