रविवार, 29 अप्रैल 2018

कविता :भगत सिंह

" भगत सिंह" 

 जो था इस देश का शान,
जिससे है यह देश महान | 
आओ हम उसे याद करें, 
उसे जगाने का कुछ प्रयास करें | 
जो न घरों में बसता है, 
जो सिर्फ दिल में बसता है | 
आओ उसे कुछ याद दिलाए, 
उसके नाम के कुछ दिए जलाए | 
जब था यह देश गुलाम, 
छोड़ दिया इसने खान - पान | 
देश को आज़ाद करवाने की ली ठान, 
इसी कारण यह देश है महान | 
जो था इस देश की शान,
उसे करते हैं सतत प्रणाम | 
जिसने काम किया जैसे सिंह,
वो था वीर भगत सिंह | 

नाम : समीर कुमार , कक्षा : 8th , अपना घर 

1 टिप्पणी:

राजा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा…

आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन पेन्सिल में समाहित सकारात्मक सोच : ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...