रविवार, 15 अप्रैल 2018

कविता : एक छोटी सी कोशिश हमारी

" एक छोटी सी कोशिश हमारी " 

हर छोटी सी  कोशिश हमारी,
मंजिल को कामयाब बनाती है | 
जो की आगे चलकर एक,
बड़ी मिशाल बन जाती  है | 
अपने मंजिल को पाने के लिए,
हर एक कोशिश काम आता है | 
और हर कोशिश का परिणाम,
जो बहुत ही खुशहाल होता है | 
अपने कठिनाइयों को पार करने में, 
हर एक साहस काम आता है | 
जो बहुत ही बेमिशाल होता है, 
हर छोटी सी  कोशिश हमारी | 
मंजिल को कामयाब बनाती है || 

नाम : कुलदीपकुमार , कक्षा : 7th , अपना घर 



कवि परिचय : यह हैं कुलदीप जो की छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं पढ़ाई में बहुत अच्छे हैं | कुलदीप कविताओं के साथ डांस भी बहुत अच्छा कर लेते हैं | 

4 टिप्‍पणियां:

RADHA TIWARI ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (16-04-2018) को ) "कर्म हुए बाधित्य" (चर्चा अंक-2942) पर होगी।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
राधा तिवारी

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

अरे वाह ! यशस्वी भव।

Meena Sharma ने कहा…

बढ़िया

Onkar ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति