मंगलवार, 16 नवंबर 2010

कविता :बरसात आयी

बरसात आयी
बरसात आयी बरसात आयी ,
झूम- झूम कर बरसात आयी.....
कड़- कड़ाती बिजली लायी,
धड़- धड़ाते बादल लायी .....
झूम- झूम कर बरसात आयी,
चारों ओर हरियाली लायी .....
कही घास कही धान लायी,
झूम- झूम कर बरसात आयी..... लेख़क : प्रकाश
कक्षा :
अपना स्कूल धमीखेड़ा,कानपुर

1 टिप्पणी:

अशोक बजाज ने कहा…

बहुत अच्छी कविता है . बरसात के मौसम का अच्छा वर्णन है . बहुत बहुत शुभकामनाएं .