रविवार, 27 जून 2010

कविता :अखबार में छपी है खबर

अखबार में छपी है खबर

अखबार में क्या छपी है खबर ।
खबर में एक आदमी का हो गया मर्डर ॥
आदमी झूठा था या झूठी थी खबर ।
जिससे पुलिस भी हो गयी बेनिडर ॥
पुलिस को पता नहीं हुआ या नहीं हुआ मर्डर ।
उसने अखबार से पढकर डाल लिया अपने कानों में खबर ॥
पुलिस वालों को खबर से नहीं कोई मतलब है ।
पुलिस वालों को केवल पैसों का तलब है ॥
अख़बार में क्या छपी है खबर।
खबर में एक आदमी का हो गया मर्डर ॥

लेखक :ज्ञान कुमार
कक्षा :
अपना घर

3 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

बेटा- ये बेनिडर कौन सा शब्द है?

कविता तो बढ़िया कही है.

seema gupta ने कहा…

पुलिस वालों को खबर से नहीं कोई मतलब है ।
पुलिस वालों को केवल पैसों का तलब है
हाँ लिखा तो सच है....

good day

माधव ने कहा…

वाह बहुत अच्छी