रविवार, 13 नवंबर 2011

मंहगाई

कविता - मंहगाई
 मंहगाई का आया जमाना ,
 महंगा को गया खाना-दाना.....
 घोटाले बाजों का कहना ,
मंहगाई में हमको रहना .....
इसी बात तो देख मंहगाई ,
गरीबों को याद आयी नानी .....
बन्द को गया दाना- पानी,
आम आदमी भोला भाला .....
2g ने किया घोटाला,
मंहगाई का आया जमाना .....
 महंगा हो गया खाना- दाना.....
 लेखक - सोनू कुमार  
कक्षा - १० अपना   घर ,कानपुर  

1 टिप्पणी:

"रुनझुन" ने कहा…

बिलकुल सही बात....महंगाई ने है चोट लगाई...
आँखों में आंसू भर लाई...