रविवार, 5 जून 2011

कविता : बच्चे चार

 बच्चे चार 

एक चिड़िया के बच्चे चार ,
कर रहे थे उड़ने का विचार ....
नहीं पेट में था उनके दाना ,
इसलिए असम्भव था उनसे उड़ पाना ....
तभी अचानक उनकी मम्मी आयी ,
साथ में अपने दाना लायी ....
एक चिड़िया के बच्चे चार ,
कर रहे थे उड़ने का विचार .... 

लेखक :ज्ञान कुमार 
कक्षा : 8
अपना घर 

6 टिप्‍पणियां:

Roshi ने कहा…

sunder baal kavita

NEHA MATHEWS ने कहा…

good!

चैतन्य शर्मा ने कहा…

bahut sunder kavita

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

बधाई हो ज्ञान! बहुत बढिया कविता।

Sunil Kumar ने कहा…

बहुत बढिया कविता!

vandana ने कहा…

बहुत बढ़िया