गुरुवार, 14 अक्तूबर 2010

कविता देंगे हम को सदा सहारा

देगे हम को सदा सहारा
सत्य पथ के हम रही ,
हम अच्छे बच्चे उत्साही.....
हँसी खुशी में सदा रहते,
झगड़ा कभी नहीं हम करते....
हँसते और हँसाते रहते,
अपना घर में हम.....
प्यार सभी से करते हैं,
कभी न रोते और रुलाते.....
सब के मन को सुख पहुंचाते,
सब के गीत बनेगे बच्चे....
सच्चे मन के अच्छे बच्चे,
सारा जग परिवार हमारा.....
देगे हम सबको सदा सहारा,
विजय दीदी का यही हैं नारा.....
सबको शिक्षा यह अधिकार हमारा.....
लेख़क प्रदीप कुमार अपना घर कानपुर

1 टिप्पणी:

अशोक बजाज ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति .

श्री दुर्गाष्टमी की बधाई !!!