रविवार, 5 जुलाई 2009

कविता: आसमान में छाये बादल

आसमान में छाये बादल
आसमान में छाये बादल ।
काले नीले सफ़ेद
काले बादल ने ये बोला
मै पानी बरसाऊंगा
झट नीले बादल ने बोला
मै पानी भर लाऊँगा
सफ़ेद बादल भी पट से बोला
मै रस्ता दिखलाऊँगा

लेखक: ज्ञान कुमार, कक्षा , अपना घर


2 टिप्‍पणियां:

Sudhir Kekre ने कहा…

bahut sundar gyan. bahut acha likhte ho.

बेनामी ने कहा…

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