बाल सजग
(बच्चों का आकाश .... बच्चों के लिए)
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शुक्रवार, 14 मई 2010
कविता - डाक्टर आये
डाक्टर
आये
डाक्टर आये डाक्टर आये,
साथ में अपने आला लाए।
ह्रदय की तरफ आला लगते है,
तब दर्द और बुखार का पता लगते है।
रात को कुछ हो जाता है,
डाक्टर सुई लगता है,
साथ में दवा दे जाता है।
नाम
-
जमुना
कुमार
कक्षा
-
पांच
बुधवार, 16 सितंबर 2009
कविता: थाली और गिलास
थाली
और
गिलास
एक
थी
थाली
एक
था
गिलास
,
खाने
में
मिलते
हरदम
साथ...
हर
घर
में
वे
रहते
साथ,
एक
दूजे
से
करते
बात...
एक
दिन
थाली
की
आई
बारात,
चम्मच
कटोरी
जमके
नाचे
साथ...
दूल्हा
बन
ठुमके
थे
गिलास,
दोनों
की
शादी
हो
गई
साथ...
एक
थी
थाली
एक
था
गिलास
,
खाने
में
मिलते
हरदम
साथ
....
लेखक: जमुना कुमार, कक्षा ४, अपना घर
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