शुक्रवार, 14 मई 2010

कविता - डाक्टर आये

डाक्टर आये

डाक्टर आये डाक्टर आये,
साथ में अपने आला लाए।
ह्रदय की तरफ आला लगते है,
तब दर्द और बुखार का पता लगते है।
रात को कुछ हो जाता है,
डाक्टर सुई लगता है,
साथ में दवा दे जाता है।

नाम - जमुना कुमार
कक्षा - पांच

3 टिप्‍पणियां:

डा० अमर कुमार ने कहा…


लो भाई डॉक्टर आ गये..
लेकिन डॉक्टर सूई लगाता है, यह आपसे किसने कहा ?
जो बच्चे दवा नहीं खाते, जिद करते हैं, उन्हें ठीक करने के लिये फिर तो सूई तो लगानी पड़ेगी ना ?

mrityunjay kumar rai ने कहा…

वैसे डॉक्टर साहब ना ही आये तो अच्छा है , कविता के लिए आभार

http://madhavrai.blogspot.com/

http://qsba.blogspot.com/

अक्षिता (पाखी) ने कहा…

बहुत बढ़िया लिखा आपने...

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पाखी की दुनिया में- 'जब अख़बार में हुई पाखी की चर्चा'