शुक्रवार, 21 मई 2010

कविता :बिजली

बिजली
सुनो यारो देखो यारो ।
हर गाँव में हर शहर में ॥
रहते हैं हजारो गाँव अँधेरे में ।
अगर बिजली को पाना हैं ॥
यह बात बिजली कर्मचारी को बताना हैं ।
की पैसा तो बहुत लेते हो ॥
फिर बिजली क्यों नहीं देते हो ।
सुनो यारो देखो यारो ॥
हर गाँव में हर शहर में ।
रहते हैं हजारो गाँव अँधेरे में ॥


लेखक :सागर कुमार
कक्षा :७
अपना घर

2 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

सही कहा...अच्ची रचना!!

माधव( Madhav) ने कहा…

सही है वीडु