शनिवार, 29 मई 2010

कविता :कवि सम्मेलन

कवि सम्मलेन में

आज के कवि सम्मलेन में मजा आया ।
सबने अपना कवी सम्मलेन में रंग जमाया ॥
पैसा दिया हमको याद आया ।
भागीरथ ने ही है गंगा बहाया ॥
जिसमें लोगों ने खूब नहाया ।
पैसा मिला तो गाना गाया ॥
आज कवि सम्मलेन में मजा आया ।
सबने अपना कवि सम्मलेन में रंग जमाया ॥

लेखक :सोनू कुमार
कक्षा :
अपना घर

4 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

चलो, अच्छा है मजा आना चाहिये बस!

SunilKumar ने कहा…

achha prayas hai maja agar app ko mil gaya to badhai

माधव ने कहा…

pleased

अर्चना तिवारी ने कहा…

वाह कविता पढ़कर मजा आया