बाल सजग
(बच्चों का आकाश .... बच्चों के लिए)
ज्ञान कुमार बाल कवितायेँ बाल कहानियां बाल गीत किस्से कहानी
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
ज्ञान कुमार बाल कवितायेँ बाल कहानियां बाल गीत किस्से कहानी
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
सोमवार, 15 फ़रवरी 2010
कविता: खेल
खेल
ये खेल है भाई कैसा ,
जिसमें मजा आये ।
पर लगे न पैसा ,
हम भी खेले तुम भी खेलो ।
आओ नहीं लगेगा पैसा ,
पर आयेगा मजा वैसा ।
जो कभी खेल खेला न होगा ऐसा ,
ये खेल है भाई कैसा ।
लेखक
:
ज्ञान
कुमार
कक्षा
:
६
अपना
घर
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)