कविता :- सोनू कुमार बाल कहानियाँ बाल कवितायेँ बाल गीत किस्से कहानी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
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रविवार, 16 सितंबर 2012

शीर्षक :-उम्मीद

शीर्षक :-उम्मीद  
खुद में एक उम्मीद लिए।
अपने में एक आस लिए।।
पंखो में आकाश लिए।
उड़ते चले गये हम।।
सहते हुए सभी गम।
अब गमो के पार चले हम।।
हमसे सब हार गये गम।
चलेंगे एक साथ जब।।
ये आकाश जायेगा थम।
उनको हमने हराया कुछ ऐसा।।
अब समय वापस न आएगा वैसा।
हम हो गए अब इसमें निपुण।।
आया हममें एक अच्छा गुण।
कवि:- सोनू कुमार 
कक्षा:- 11 
अपनाघर  

सोमवार, 2 जुलाई 2012

शीर्षक :- क्रिकेट

शीर्षक :-  क्रिकेट 

क्रिकेट ने इस समय मचाया धमाल 
सभी क्रिकेटर हो गए मालामाल 
इस समय क्रिशगेल के शतकों से 
सभी टीमों में आया भूचाल 




मुंबई चेन्नई और कोलकाता 
इन्हीं ने लिखी इस आई0 पी0 एल0की गाथा 
देशी प्लेयर रुके और चले विदेशी 
फुटबाल में पचास गोल मारे मेसी 



कवि : सोनू कुमार 
कक्षा : 11
अपना घर 

मंगलवार, 12 जून 2012

शीर्षक :- वृक्ष

शीर्षक :- वृक्ष 
पलट अब मौसम जब करेगा वार....
ये वृक्ष करेंगे अपना बेडा पर,
वृक्ष हमें देते हैं छाया....
और मीठे मीठे फल,
ख़ुशी ख़ुशी अब किसान....
खेतों में चलाएंगे हल,
वर्षा का अब है भंडार....
खुश होगा अब सूना संसार,
हरियाली आयेगी भरमार....
नहीं होगा गर्मी का वार,
प्रथ्वी पर हम लगायेंगे वृक्ष....
अब हम इसको बनायेंगे स्वच्छ,
कवि : सोनू कुमार 
कक्षा : 11 
अपना घर

शुक्रवार, 1 जून 2012

कविता :- आकाश

कविता :- आकाश
काश आज हमारा एक आकाश होता,केवल वह हमारे लिए ही आज होता....
काश हम उसकी उचाईयों को छू पाते,काश आज हम उस तक पहुँच पाते, 

आकाश हमारे लिए और हम,आकाश के लिए होते....
तो आज के कलयुग में,बोझ हम न ढ़ोते,
आज के इस समय में,नन्हे-नन्हे हाथों से....
अब बोझ उठाया नहीं जाता,अब इन छोटे-छोटे बच्चों से,
इतना बड़ा ईंट बनाया नहीं जाता,काश आज हमारे पास आकाश होता....
ये नन्हा सा हाथ उसे
छूने को आजाद होता,कुछ बादल यूँ हमारी उम्मीदों,
पर खरे उतरने लगे,चलते-चलते राहों में अब....
वे बरसने लगे,अब हममे से कुछ सितारे यूँ निकले कि,
अब ये इस तरह हंसकर,आकाश में चमकने लगे....
प्रकाश अब हम यूँ फैलाएं कि,हमारी रोशनी में वो भी आगे बढ़ने लगे,
अब हम सभी होकर खुश,आपस में भी गले लगने लगे....
काश आज हमारा एक
आकाश होता,केवल वह हमारे लिए ही आज होता,
काश आज हमारे पास आकाश होता,ये नन्हा सा हाथ उसे छूने को आजाद होता....

नाम : सोनू कुमार
कक्षा : 11
अपना घर